आज बाजार समरी: 29 जनवरी 2026 को सेंसेक्स-निफ्टी में तेजी, सोना-चांदी रिकॉर्ड पर

भारतीय शेयर बाजार आज उतार-चढ़ाव के बाद मजबूती से बंद हुआ। 29 जनवरी 2026 को बीएसई सेंसेक्स 221 अंक चढ़कर 82,566 पर और निफ्टी 76 अंक ऊपर 25,419 के स्तर पर बंद हुआ। दिन में बाजार गिरावट से शुरू हुआ लेकिन आखिरी घंटों में तेज वापसी हुई। मेटल, बैंकिंग और कुछ अन्य सेक्टरों ने बाजार को सपोर्ट दिया।

शेयर बाजार का आज का प्रदर्शन

सेंसेक्स और निफ्टी लगातार तीसरे दिन हरे निशान में बंद हुए। सुबह बाजार सपाट से नकारात्मक खुला और इंट्राडे में सेंसेक्स 600 अंक से ज्यादा गिरकर 81,707 तक पहुंचा। निफ्टी भी 25,159 तक फिसला। लेकिन बाद में एकोनॉमिक सर्वे और कुछ पॉजिटिव संकेतों से बुल्स ने बाजी पलट दी। सेंसेक्स 950 अंक तक उछला और अंत में 221 अंक की बढ़त के साथ बंद हुआ।

निफ्टी 50 में 76 अंक की तेजी आई और यह 25,400 के ऊपर बना रहा। बैंक निफ्टी में अच्छी खरीदारी दिखी और यह 359 अंक चढ़ा। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में मामूली बढ़त रही। कुल मिलाकर 1640 शेयरों में तेजी जबकि 2424 में गिरावट देखी गयी।

मुख्य सेक्टर और स्टॉक्स की चाल

मेटल सेक्टर में मजबूत प्रदर्शन रहा। टाटा स्टील 4 फीसदी और एलएंडटी 3 फीसदी चढ़े। कुछ अन्य स्टॉक्स जैसे हिंदुस्तान कॉपर में रिकॉर्ड ऊंचाई देखी गयी। फार्मा, आईटी, एफएमसीजी और ऑटो सेक्टर में दबाव रहा और 0.7 से 1 फीसदी तक गिरावट आई।

ग्लोबल बाजार और कमोडिटी अपडेट

वैश्विक बाजारों में मिश्रित रुख रहा। अमेरिकी बाजारों में कमाई के अनुमान से तेजी आई। सोना रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा और 5,500 डॉलर प्रति औंस से ऊपर चला गया। एमसीएक्स पर सोना 1.75 लाख से 1.80 लाख प्रति 10 ग्राम के पार पहुंचा। चांदी पहली बार 4 लाख प्रति किलो के ऊपर गयी और 4.07 लाख तक छुई। क्रूड ऑयल में भी बढ़त रही और ईरान तनाव से ब्रेंट 69-70 डॉलर के आसपास पहुंचा। डॉलर कमजोर हुआ जिससे कमोडिटी में सपोर्ट मिला।

आज के बाजार को प्रभावित करने वाले कारण

एकोनॉमिक सर्वे 2026 से पहले निवेशकों में सतर्कता थी लेकिन बाद में पॉजिटिव संकेतों से खरीदारी बढ़ी। एफआईआई बिकवाली जारी रही लेकिन घरेलू संस्थानों ने सपोर्ट दिया। वैश्विक स्तर पर फेड की नीति और जियोपॉलिटिकल टेंशन ने असर डाला। बजट से पहले बाजार में सावधानी बरती जा रही है।

निवेशकों के लिए सलाह

बाजार में उतार-चढ़ाव जारी है इसलिए शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स सतर्क रहें। लंबे समय के निवेशक मजबूत फंडामेंटल वाले सेक्टरों पर फोकस क

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