अडानी ग्रुप शेयर्स में भारी गिरावट: US SEC ने अदालत से मांगी ईमेल से समन भेजने की इजाजत

आज 23 जनवरी 2026 को अडानी ग्रुप की कई कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट देखी गई। वजह US सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) का एक कोर्ट में आवेदन है, जिसमें उसने गौतम अडानी और उनके भतीजे सागर अडानी को ईमेल के जरिए समन भेजने की इजाजत मांगी है। यह मामला 265 मिलियन डॉलर की कथित ब्राइबरी स्कीम और फ्रॉड से जुड़ा है। भारतीय बाजार में ट्रेडिंग के दौरान ग्रुप की कंपनियों के शेयर 5% से 14% तक नीचे आए, जिससे निवेशकों में चिंता बढ़ गई।

US SEC का आवेदन और बैकग्राउंड

US SEC ने ब्रुकलिन की एक डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में मोशन दाखिल किया है। इसमें कहा गया है कि पिछले साल से चल रही कोशिशों के बावजूद भारत सरकार ने हैग कन्वेंशन के तहत समन सर्व करने में मदद नहीं की। दो बार रिक्वेस्ट रिजेक्ट हुईं, जिसमें प्रोसीजरल इश्यूज जैसे सिग्नेचर और सील की बात कही गई। SEC अब अल्टरनेटिव तरीके से, जैसे ईमेल और US-बेस्ड वकीलों के जरिए समन भेजना चाहता है।

यह केस नवंबर 2024 में अनसील्ड इंडिक्टमेंट से जुड़ा है। आरोप है कि अडानी ग्रुप के एग्जीक्यूटिव्स ने भारतीय अधिकारियों को रिश्वत देकर अडानी ग्रीन एनर्जी के पावर प्रोजेक्ट्स के लिए PPA हासिल किए। US निवेशकों को गुमराह करने और एंटी-करप्शन पॉलिसी पर गलत डिस्क्लोजर का भी इल्जाम है। यह US में किसी भारतीय कंग्लोमरेट के खिलाफ सबसे बड़ा लीगल केस माना जा रहा है।

अडानी ग्रुप कंपनियों पर असर

आज के ट्रेडिंग सेशन में अडानी ग्रुप के शेयरों ने भारी नुकसान झेला। अडानी ग्रीन एनर्जी सबसे ज्यादा प्रभावित रही, जो 10-14% तक गिरकर इंट्राडे लो पर पहुंची। फ्लैगशिप अडानी एंटरप्राइजेज 8-11% नीचे आई। अडानी पोर्ट्स 5-7.5% और अडानी एनर्जी 8-12% तक गिरी। ग्रुप की लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन 1-1.4 लाख करोड़ रुपये तक घटा।

बाजार में निफ्टी 50 भी 0.94% नीचे था, लेकिन अडानी स्टॉक्स की गिरावट इससे कहीं ज्यादा तेज रही। कई रिपोर्ट्स में अडानी एंटरप्राइजेज का लो मई 2023 के बाद का बताया गया।

अडानी ग्रुप का रिएक्शन

अडानी ग्रुप ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है। ग्रुप ने कहा कि वह सभी उपलब्ध लीगल स्टेप्स उठाकर अपनी पोजीशन डिफेंड करेगा। पहले भी Hindenburg रिपोर्ट और अन्य आरोपों पर ग्रुप ने यही स्टैंड लिया था।

यह घटनाक्रम निवेशकों के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि अडानी ग्रुप इंफ्रास्ट्रक्चर, एनर्जी और पोर्ट्स जैसे सेक्टर्स में बड़ा प्लेयर है। बाजार एक्सपर्ट्स कहते हैं कि केस की आगे की सुनवाई और कोर्ट का फैसला स्टॉक प्राइस को प्रभावित करेगा।

अडानी ग्रुप के शेयरों में आज की गिरावट US SEC के इस नए कदम से सीधे जुड़ी है। निवेशक इस मामले की डेवलपमेंट्स पर नजर रखें, क्योंकि आगे की कोई पॉजिटिव या नेगेटिव खबर शेयरों को और मूव दे सकती है। अगर आप अडानी स्टॉक्स में निवेश करते हैं, तो लेटेस्ट अपडेट्स और एक्सपर्ट ओपिनियन से सलाह लें।

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