आज घरेलू वायदा बाजार में चांदी की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला। MCX पर चांदी करीब 3.5% की बढ़त के साथ ₹2,85,200 प्रति किलोग्राम के स्तर तक पहुंच गई। निवेशकों की नजर वैश्विक संकेतों पर रही, जिनका सीधा असर कीमती धातुओं पर पड़ा।

चांदी की कीमत में तेजी क्यों आई
चांदी में यह तेजी मुख्य रूप से दो कारणों से आई। पहला, अमेरिका में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद बढ़ी है। आमतौर पर ब्याज दरें घटने की संभावना से डॉलर कमजोर होता है, जिससे चांदी और सोने जैसी धातुओं में निवेश आकर्षक हो जाता है।
दूसरा बड़ा कारण भू-राजनीतिक तनाव है। वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बढ़ने पर निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख करते हैं, जिसमें चांदी भी शामिल है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी चांदी की कीमतों में मजबूती देखी गई। वैश्विक स्तर पर मांग बढ़ने और जोखिम से बचाव की रणनीति अपनाने से कीमती धातुओं को समर्थन मिला। इसका असर सीधे भारतीय वायदा बाजार पर पड़ा।
आगे क्या रह सकता है रुझान
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अगर फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों को लेकर नरम रुख बना रहता है और वैश्विक तनाव कम नहीं होता, तो चांदी की कीमतों में आगे भी मजबूती देखने को मिल सकती है। हालांकि, कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रहना स्वाभाविक है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत
चांदी की कीमतों में अचानक आई तेजी से अल्पकालिक निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है। वहीं, लंबे समय के निवेशक बाजार के रुझान और वैश्विक संकेतों को ध्यान में रखकर ही फैसला लें।
अंतिम बात
आज चांदी की कीमत में आई 3.5% की तेजी यह दिखाती है कि वैश्विक आर्थिक संकेत और भू-राजनीतिक हालात का असर सीधे कमोडिटी बाजार पर पड़ रहा है। आने वाले दिनों में भी चांदी की चाल फेड की नीति और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर निर्भर करेगी।
