मुंबई, 22 जनवरी 2026: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्विट्जरलैंड के दावोस में चल रहे विश्व आर्थिक मंच (WEF) के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खुलकर सराहना की। उन्होंने पीएम मोदी को “शानदार इंसान” और “अपना अच्छा दोस्त” बताया, साथ ही भारत-अमेरिका के बीच जल्द एक अच्छी ट्रेड डील होने का भरोसा जताया।
ट्रंप ने दावोस के साइडलाइंस में भारतीय पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा, “मैं आपके प्रधानमंत्री का बहुत सम्मान करता हूं। वे शानदार इंसान हैं और मेरे अच्छे दोस्त हैं। हम भारत के साथ एक अच्छी डील करने जा रहे हैं।”

ट्रंप-मोदी रिश्ते की मजबूती
ट्रंप और पीएम मोदी के बीच पहले से ही व्यक्तिगत स्तर पर अच्छा तालमेल रहा है। यह उनकी कई मुलाकातों और बातचीत से साफ दिखता है। ट्रंप ने पहले भी कई बार मोदी की तारीफ की है, और अब दावोस में भी उन्होंने इसी रिश्ते को आगे बढ़ाया।
ट्रेड डील की बात फरवरी 2025 से चल रही वार्ताओं के बीच आई है। दोनों देशों का लक्ष्य 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 500 अरब डॉलर से ज्यादा करना है।
चुनौतियां अभी बाकी
ट्रंप की तारीफ के बावजूद कुछ मुद्दे बने हुए हैं। अमेरिका ने भारतीय सामानों पर 50% तक टैरिफ लगा रखा है, जो दुनिया में सबसे ज्यादा है। भारत अपनी घरेलू इंडस्ट्रीज और किसानों के हितों की रक्षा कर रहा है। साथ ही ईरान से तेल खरीद को लेकर भी कुछ मतभेद हैं।
फिर भी ट्रंप के सकारात्मक बयान से उम्मीद जगी है कि जल्द कोई समझौता हो सकता है।
दावोस में ट्रंप के अन्य बयान
ट्रंप ने दावोस में यूरोप पर ग्रीनलैंड को लेकर टैरिफ की धमकी से पीछे हटते हुए एक फ्रेमवर्क डील का ऐलान किया। इससे ग्लोबल मार्केट्स में कुछ राहत आई। भारत के लिए यह अच्छा संकेत है क्योंकि इससे ट्रेड टेंशन कम हो सकती हैं।
भारतीय बाजारों में ट्रंप के इन बयानों से थोड़ी सकारात्मकता आई। रुपये में मामूली सुधार हुआ और शेयर बाजार ने शुरुआती गिरावट के बाद सपोर्ट दिखाया।
मुंबई के निवेशकों के लिए क्या मतलब
मुंबई में ट्रेडर्स और निवेशकों के लिए ट्रंप का यह बयान भारत-अमेरिका रिश्तों में मजबूती का संकेत है। अगर ट्रेड डील हुई तो भारतीय एक्सपोर्ट्स के लिए नए मौके खुल सकते हैं। लेकिन टैरिफ और नेगोशिएशन के मुद्दे अभी बाकी हैं, इसलिए सतर्क रहना जरूरी है।
अगर आप दावोस की खबरों या ट्रेड डील पर अपडेट चाहते हैं तो ऑफिशियल सोर्स या फाइनेंशियल न्यूज चैनल्स पर नजर रखें। ट्रंप और मोदी के बीच यह पर्सनल बॉन्ड आगे भी रिश्तों को मजबूत बनाने में मदद कर सकता है।
